राज्य वीरता पुरस्कार योजना

प्रदेश के बच्चों को किसी घटना विशेष में उनके द्वारा प्रदर्शित असाधारण वीरता, साहस एवं बुद्धिमत्ता के लिये पुरस्कृत करने हेतु राज्य वीरता पुरस्कार योजना प्रारंभ की गई है। योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के माध्यम से किया जाता है।
उद्देश्य:-
इस योजना का मुख्य उद्देश्य वीर, साहसी बालक / बालिकाओं को किसी घटना विशेष में उनके द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस, शौर्य एवं बुद्धिमता के संदर्भ में उनके साहसिक कार्य / कृत्य के लिए पुरस्कृत करना है जो अन्य के लिए उदाहरण एवं प्रेरणास्रोत बन सके। यह कृत्य किसी की जीवन रक्षा अथवा उसको शारीरिक क्षति से बचाने के उद्देश्य से निःस्वार्थ सेवा से संबंधित होना चाहिए।
पात्रता:-
आवेदक की आयु घटना दिनांक को 18 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा आवेदक छत्तीसगढ राज्य का निवासी होना चाहिए।
पुरस्कारः-
पुरस्कार अन्तर्गत प्रति बालक / बालिका को एक मुश्त 10 हजार रूपये की धनराशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। प्रतिवर्ष अधिकतम 5 बालक / बालिकाओ को पुरस्कृत किया जाता है। पुरस्कृत बालक / बालिकाओं को ‘राष्टी्य शौर्य पुरस्कार से सम्मानित बालक / बालिका छात्रवृत्ति नियम 2003'' के अनुरूप छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है ।
संपर्क:-
शाला के प्रधान पाठक / प्राचार्य जिसमें आवेदक अध्ययनरत है, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार, थाना प्रभारी। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व या अनुविभागीय अधिकारी पुलिस / पुलिस अधीक्षक से भी संपर्क किया जा सकता है ।

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